Saturday, 22 February 2014

विश्व पुस्तक मेले में सुमित की व्यंग्यस्ते का लोकार्पण



दिल्ली व इटावा गान के लेखक युवा व्यंग्यकार सुमित प्रताप सिंह की पुस्तक “व्यंग्यस्ते” का लोकार्पण प्रगति मैदान, नई दिल्ली में चल रहे विश्व पुस्तक मेले में लेखक मंच पर किया गया. इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे वरिष्ठ व्यंग्यकार शेरजंग गर्ग एवं विशिष्ट अथिति थे पदम श्री अशोक चक्रधर, वरिष्ठ व्यंग्यकार प्रदीप पन्त एवं डॉ. गिरिराज शरण अग्रवाल तथा वक्ता के रूप में उपस्थित थे कहानीकार सूरज प्रकाश एवं व्यंग्यकार अशोक आनंद. इस कार्यक्रम का संचालन कर रहे थे सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार एवं व्यंग्य यात्रा के संपादक डॉ. प्रेम जनमेजय. इस अवसर पर सुमित ने बताया कि उनकी पुस्तक “व्यंग्यस्ते” समाज में फैली कुरीतियों, विद्रूपताओं, विसंगतियों एवं मूल्यहीनता इत्यादि को व्यंग्य का नमस्ते है. सुमित को लेखक मंच पर उपस्थित सभी विद्वानों ने उनकी नई पुस्तक हेतु बधाई व व्यंग्य में आगामी भविष्य हेतु शुभकामनाएँ दीं. 

 

इस अवसर पर "व्यंग्य यात्रा" द्वारा डॉ. प्रेम जनमेजय के नेतृत्व में व्यंग्य पाठ का भी आयोजन किया गया. सुमित ने अपनी चिर-परिचित शैली में अपने व्यंग्य “एक पत्र मदिरा रानी के नाम” का पाठ किया, जिसे मंच पर आसीन विद्वजनों का आशीर्वाद मिला एवं वहाँ उपस्थित श्रोता गणों ने तालियों की गडगडाहट से सुमित का उत्साहवर्धन किया. ज्ञात हो कि सुमित की “व्यंग्यस्ते” नामक पुस्तक में पत्र शैली में 42 व्यंग्य प्रकाशित हुए हैं. सुमित की लेखन शैली से प्रभावित होकर अनेक लेखकों ने बीते दिनों इस शैली में व्यंग्य लिखने का प्रयास किया है.

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